हिंग द्वारा अनेक रोगों का इलाज़...

अपच:

  • हिंग १ रत्ती को जीरा व नमक के साथ लेने से अपच में लाभ होता है |
  • हिंग,छोटी हर्र,सेंध नमक,अजवाइन समान मात्र में मिलाकर पिस लें | १ चम्मच नित्य ३ बार गर्म पानी से फकी लेने से अपच ठीक हो जाती है |


उलटी :
  • थोड़ी से हिंग को प्याज के रस में मिलाकर बार-बार चटायें |
  • थोड़ी सी हिंग व हल्दी पानी में मिलाकर चटायें |
  • थोड़ी सी हिंग व बड़ी इलाइची के दाने पीसकर शहद में मिलाकर चटायें |
  • हिंग घी में भुनी हुई ५ ग्राम;अजवाइन,मुनक्का,(बिना बिज का )काला नमक,काली मिर्च-प्रत्येक १० ग्राम को मिलाकर पिस लें | २ ग्राम चूर्ण १ घूंट पानी से ले लें |उलटी व उबकाई दूर हो जायेगी |
  • हिंग,अनंतमूल ३-३ ग्राम को पिस लें | ३ ग्राम चूर्ण पानी में लें ,तुरंत असर होगा |
  • हिंग आधी चुटकी,पीपल का चूर्ण १ चुटकी ,निम्बू का रस आधा चम्मच को शहद में मिलाकर चटायें |

खाज खुजली :
  • त्वचा रोग,खाज खुजली आदि से मुक्ति के लिए भुनी हुई हिंग को गुड में मिलाकर खाएं |
  • हिंग २ ग्राम,अजवाइन १० ग्राम को थोड़े से पानी में पीसकर लगाएं |
  • हिंग व कपूर जरा सा,निम्बू का रस,चमेली का तेल-इन सबको मिलाकर दाद खाज खुजली पर लगाएं |
  • हिंग ३ ग्राम,कलमी शोर ५० ग्राम,मिटटी का तेल २५ ग्राम,थोडा सा निम्बू का रस-इन सबको घोंट कर खाज वाली जगह पर लगाएं |
  • हिंग व मैदा को मिलाकर पुलटिस बनाकर छाजन पर लगाकर पट्टी बांधें |
  • हिंग आधा चम्मच,मजीठ १ चम्मच,गंधक २ चम्मच -इन सबको पीसकर घी में मिलाकर छाजन पर लगाएं |
कब्ज:
  • हिंग के चुर्न्में थोडा सा मीठा सोडा मिलाकर खाने से कब्ज कि शिकायत दूर होती है |
  • अजवाइन,नमक व हिंग का चूर्ण लेने से पेट दर्द ,अफारा,एंथन तथा कब्ज आदि में लाभप्रद रहता है |
  • हिंग्वाष्टक चूर्ण ,छोटी हर्र,मीठा सोडा(प्रत्येक १० ग्राम )इन सबको मिला लें |जिन्हें लगातार कब्ज कि शिकायत रहती हो वे यथाशक्ति लेते रहें |
  • हिंग ४ ग्राम भुनी हुई;सोंठ,छोटी हर्र,पीपल,काला नमक,(प्रत्येक ५० ग्राम )इन सबको पिस लें |सुबह-शाम आधा चम्मच चुर्न्गार्म पानी से लें |
  • हिंग भुनी हुई ३ ग्राम;काली मिर्च,सेंध नमक,या काला नमक,नौसादर,कुटकी)प्रत्येक १० ग्राम )इन सबका चूर्ण बनाकर सुबह शाम आधा चम्मच चूर्ण गर्म पानी से लें |
कान :
  • हिंग ५ ग्राम,लहसुन २ कली,थोडा सा नमक,२ चमच सरसों के तेल में हिन्घ जलने तक भुने |तेल छानकर २-२ बूँद रोज रात कान में डालें |कान में दर्द,खुश्की,सायें सायें  कि आवाज़ आदि ठीक हो जायेगा |
  • हिंग,सोंठ,अफीम बराबर मात्र में लेकर तिल या सरसों के तेल में पकाकर कान में डालते रहने से बहरापन दूर हो जाएगा |
  • हिंग को सोंठ,सेंध नमक,तिल या सरसों के तेल में पकाकर कान कि व्याधियों में डालें |
  • हिंग,अफीम,सेंध नमक आधी आधी चुटकी को गर्म पानी में मिलाकर २-२ बूँद कान में दर्द होने पर डालें |
  • हिंग और अफीम सरसों के तेल मीम पकाकर कान दर्द में डालें |
कांच या काँटा चुभने पर:
  • शरीर में कहीं भी कांच या काँटा घुस गया हो तो हिंग को पानी में घिसकर वहाँ लेप करने से वः अपने आप बाहर आ जाता है |
खांसी:

  • हिंग,सोंठ,मुलहठी २-२ ग्राम को पीसकर शहद या गुढ़ में मिलाकर चने के बराबर गोलियाँ बना लें |सुबह शाम भोजन के बाद १ गोलों चूसें | खांसी व हाजमा ठीक हो जाएगा |
  • हिंग १ रत्ती,अदरक का रस १ चम्मच को १ चम्मच शहद में मिलाकर चटायें |
  • हिंग १ रत्ती,कपूर २ रत्ती को पीसकर शहद में मिलाकर सुबह शाम चटायें |
  • हिंग भुनी हुई,काली मिर्च,वाय्विन्डिंग,कुथ .शुद्ध मैनसिल.सेंध नमक-ये सब सामन मात्र में लेकर चूर्ण करके सुबह शाम २ चुटकी चुर्न्शःद के साथ लें |
गला:
  • जुकाम का पानी गले में गिरने या जलवायु परिवर्तन से आवाज बैठ जाये तो आधा ग्राम हिंग गर्म पानी में घोलकर गरारे करें,आवाज ठीक हो जायेगी |
गैस:
  • जिन्हें अक्सर गैस बन्ने कि शिकायत रहती है उन्हें दाल व सब्जी में नियमित रूप से हिंग का सेवन करना चाहिए |
  • पेट में अफारा होने पर हिंग १ रत्ती भुनी हुई को काले नमक के साथ गर्म जल से सेवन करें तथा पानी में हिंग कि घिसकर पेट पर लेप करने से लाभ होता है |
  • हिंग घी में भुनी हुई;सोंठ,अजवाइन,काली मिर्च.पीपल,सेंध नमक,सफेद और काला जीरा समान मात्र में कूट पीसकर रख लें| १ चम्मच चूर्ण में १ चम्मच घी मिलकर भोजन के साथ दोनों समय ८-१० दिन खाने से मंद्राग्नी,अपच,अरुचि और गैस प्रकोप शांत होकर आरण मिलता है |
  • हिंग १ ग्राम.राय २ ग्राम को पीसकर गर्म पानी से लें |
  • हिंग ३ ग्राम,सौंफ,सोंठ,छोटी हर्र ,सेंध नमक(प्रत्येक १० ग्राम)सबको मिलाकर चूर्ण कर लें |आधा चम्मच चूर्ण गर्म पानी से लें |
  • हिंग १ चुटकी,छूती इलाइची चौथाई चम्मच को पीसकर निम्बू पानी से लें |
जोढों का दर्द :
  • जोधों के दर्द कि शिकायत होने पर नियमित रूप से हिंग का सेवन करिएँ |
  • हिन्,लहसुन और सेंध नमक (प्रत्येक ५ ग्राम)तेल में भुनकर इस तेल से जोधों कि मालिश करके उस अंग को धक् दें |
  • आधा चम्मच यह तेल १०० ग्राम दूध में उबालकर पि लें |

1 comment: